एक छोटा बालक

एक छोटा बालक

निर्धन, असहाय, कृशकाय |

फटे चिथड़े कपड़ो में

दुखित

शोषण और अन्याय से जैसे समझौता कर चुका हो

सूनी - सूनी आंखों में संसार भर  की दीनता समेटे

चौराहे की रेड लाइट पर खड़ा

कुछ पाने की चाह में

अपने आश्रय को खोजता 

उदास आखों से एकटक  मेरी ओर देख रहा था|

पर वह शायद नहीं जानता

कि मै भी हूं

उसी की तरह कुछ कर सकने  में असमर्थ

कुछ पाने में लाचार

कुछ कह पाने में बेबस😢😢

मूक

आश्रयहीन

और

एकाकी

नितांत एकाकी ........

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